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ससुराल जाकर पत्नी के साथ मारपीट करने वाले पति को सजा

नीमच। मनोज कुमार राठी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा सुसराल जाकर पत्नि से मारपीट करने वाले पति को न्यायालय उठने तक के कारावास एवं 1000रू. जुर्माने से दण्डित किया।
जिला अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 06 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 25.04.2013 को सुबह के 08ः30 बजे फरियादीया दुर्गा के एकता कॉलोनी, बघाना, नीमच स्थित पीहर की है। दुर्गा की शादी मंदसौर में आरोपी बंटी पिता रामचन्द्र भाट के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही उसका पति शराब पीकर उससे मारपीट करता था, इसलिए वह उसकी मॉ के पास चली गई। घटना दिनांक को उसका पति आरोपी बंटी अन्य 10 रिश्तेदारों के साथ दुर्गा को लेने गया और कहने लगा कि दुर्गा ससुराल से बीस हजार रूपये लेकर आई है, इसलिए पैसे और दुर्गा को ले जाना है, ऐसा कहकर बंटी और अन्य रिश्तेदार दुर्गा, रेखा और बलवंत के साथ लात-घुसों और लट्ठ से मारपीट करने लगे तब बंशीलाल, अजय, जुतनबाई व शांतिबाई ने बीच-बचाव किया। फरियादी दुर्गा ने पुलिस थाना बघाना पर घटना की रिपोर्ट लिखाई जिस पर से अपराध क्रमांक 61/13, धारा 147, 323/149 भादस का पंजीबद्व किया गया। घायलों का मेडिकल कराने के बाद शेष विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान फरियादीया का पति बंटी व अन्य आरोपी दिनेश के फरार हो जाने से शेष 09 आरोपीयों के विरूद्व न्यायालय में विचारण चला, जिसमें दिनांक 30.11.2018 को पारित निर्णय में इनकों न्यायालय उठने तक के कारावास एवं 500-500रू जुर्माने से दण्डित किया। दिनांक 05.02.2019 को पुलिस द्वारा आरोपी बंटी भाट को गिरफ्तार किया, फिर उसके विरूद्ध न्यायालय में विचारण चला।
विवेक सोमानी, एडीपीओ द्वारा अभियोजन की और से घायलों, चश्मदीदों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। श्री मनोज कुमार राठी, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा आरोपी बंटी पिता रामचन्द्र भाट, उम्र-23 वर्ष, निवासी-इंन्द्रा कॉलोनी, जिला-मन्दसौर को धारा-147, 323/149 भादवि (पांच से अधिक व्यक्तियों द्वारा मारपीट करना) में न्यायालय उठने तक के कारावास एवं 1000रू. जुर्माने से दण्डित किया, साथ ही तीनों घायलों को 300-300रू. प्रतिकर प्रदान करने का आदेश दिया। न्यायालय में शासन की और से पैरवी विवेक सोमानी, एडीपीओ द्वारा की गई।

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