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खराब स्वास्थ्य प्रदर्शनः 14 राज्यों पर गिरेगी गाज, मध्यप्रदेश का नाम भी शामिल

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नई दिल्ली/भोपाल । केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में खराब प्रदर्शन करने वाले 14 राज्यों के खिलाफ सख्ती बरतने का फैसला किया है । वह इन राज्यों को मिलने वाली सालाना आर्थिक मदद में कटौती करने जा रही है । निती आयोग की रिपोर्ट में 14 राज्यों का प्रदर्शन सबसे खराब मिला है जिसमें मध्यप्रदेश का नाम भी शामिल है । वहीं जिन राज्यों की स्थिति में काफी सुधार आया है और उनकी रैकिंग सुधरी है ऐसे राज्यों को आर्थिक मदद करने का फैसला भी किया है ।

केन्द्रीय मंत्रालय ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर बनाने के उद्देश्य से पिछले वर्ष रैकिंग सिस्टम शुरू किया था । जिसकी रिपोर्ट अब जारी की गई है ।

चार राज्यों को दिखाया बाहर का रास्ता

देश के चार राज्यों को -20 अंकों के साथ बाहर कर दिया गया है यह राज्य है सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश, मेघालय और नगालैंड । कुल 36 राज्य और केंद्र शासित राज्यों में जो राज्यों का प्रदर्शन न कम न सुधार मिला है। जबकि शेष 20 राज्यों को अतिरिक्त मदद की जाएगी।

मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्यों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आर्थिक मदद सालाना की जाती है। करीब 3265 करोड़ रुपये के इस बजट को सभी राज्यों को आवंटित किया जाता है। बावजूद इसके स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव मंद गति से देखने को मिल रहा है। इसीलिए 7 बिंदुओं के मानकों पर सभी राज्यों का आंकलन करने के बाद रिपोर्ट तैयार की है। जिन राज्यों का प्रदर्शन खराब है उन्हें इस बार 20 फीसदी तक बजट में कटौती की जाएगी।

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छह राज्य

जिन प्रदेशों ने पिछले वर्ष सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है उसमें दादर एक नागर हेली 14 अंक, हरियाणा 13 अंक, असम 12 अंक, केरल 8 अंक, पंजाब 8 अंक और आंध प्रदेश को 7 अंक मिले है ।

सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले छह राज्य

वहीं जिन प्रदेशों ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है उसमें पश्चिम बंगाल -7 अंक, मध्यप्रदेश -7 अंक, उत्तराखण्ड -8 अंक, बिहार -12 अंक, लक्षद्वीप -12 अंक, दिल्ली -5 अंक ।

यहां यह उल्लेखनीय है कि यह पिछले वर्ष की रैकिंग सिस्टम है जब मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार थी और अब वर्तमान में कांग्रेस की सरकार है ।

वहीं अंडमान निकोबार और राजस्थान को शून्य अंक मिला है । इसका मतलब इनके बजट में कटौती नहीं होगी लेकिन इन्हें चेतावली जरूर मिली है ।

स्वास्थ्य सेवा की बदहाली, लगी करोड़ों रुपये की चपत

जिन राज्यों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं किया है उन्हें करोड़ों रुपये की चपत लगी है। केंद्र से मिलने वाली आर्थिक मदद में इस बार करोड़ों रुपये की कटौती होगी। बिहार के बजट में करीब 155, मध्यप्रदेश 86, हिमाचल प्रदेश 9.56, जम्मू कश्मीर 9.69, उत्तराखंड 23.36, गोवा 0.56, पश्चिम बंगाल 60.35, मिजोरम 3.03, लक्ष्यद्वीप 0.66 और दिल्ली के बजट में 7.48 करोड़ रुपये की कटौती की जाएगी। जबकि परफॉर्मेंस से बाहर अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम को कोई मदद नहीं की जाएगी।

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