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अफीम किसानों की समस्याओं को लेकर सांसद जोशी ने की केन्द्रीय मंत्री से भेंट

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नई दिल्ली/चित्तौड़गढ़ । चित्तौडगढ़ सांसद सी.पी.जोशी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर सें भेंट की तथा संसदीय क्षेत्र से संबधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

सांसद जोशी ने केन्द्रीय मंत्री ठाकुर से भेंट कर वित्त एवं कॉरपोरेट मंत्रालय से संबधित संसदीय क्षेत्र की प्रमुख विषयों पर चर्चा की जिनमें संसदीय क्षेत्र समेत देश भर के अफीम किसानों के लिये इस वर्ष खराब मौसम के कारण हो रही चिन्ता से मंत्री को अवगत कराया तथा साथ ही आगामी वर्ष की अफीम नीति के निर्धारण हेतु बैठक को समय पर आयोजित करने का आग्रह किया ।

इसके साथ ही सांसद जोशी ने मंत्री से मांग की वर्ष 1998 से 2019 तक किसानों की मार्फीन स्ट्रेन्थ को 9 प्रतिशत की बजाय 6 प्रतिशत कर लाईसेंस जारी किये जाये। 1998-2003 के मध्य किसानों को 1 किग्रा से अधिक औसत की छूट देकर लाईसेंस प्रदान किये जाये। 100 की औसत में 2016-17 के बाद वाले किसानों को भी सम्मिलित किया जाये। अफीम फसल का मूल्य बढ़ाया जाये। अफीम फसल बुवाई के 40 दिनों के अन्दर गिरदावरी कार्य पूर्ण कर लिया जाये। अफीम लाईसेंस में नाम, उपनाम, पिताध्पति के नाम, गाँव इत्यादि में त्रुटि सुधार की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाये।

अफीम तौल केन्द्र पर ही अफीम जाँच का अंतिम परिणाम प्राप्त हो सके ऐसी प्रक्रिया अपनाई जाये। आगामी माह सितम्बर-2019 के अन्तिम सप्ताह तक अफीम किसानों को लाईसेंस प्रदान कर दिये जाये। अफीम लाईसेंसधारी की मृत्यु के पश्चात पुत्रवधु या पौत्र के नाम से अफीम नामान्तरण को प्रारंभ किया जाये। अफीम लाईसेंस स्वीकृत होने के पश्चात अफीम लाईसेंस शुल्क जमा नही करनें, पानी नही होने के कारण बुवाई न कर सकने के कारण या अन्य किसी कारणवश कटे अफीम लाईसेंस को बहाल किया जाये।

अफीम में नये लाईसेंस के लिये मार्फीन पर निर्भरता की बजाय औसत को ही आधार रखा जाना चाहिये अथवा मार्फीन के मानकों को कम किया जाना चाहिये।

ट्रक मालिकों की समस्या की तरफ दिलाया ध्यान

चित्तौडगढ़ सांसद सी.पी.जोशी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर सें भेंट की तथा आयकर अधिनियम की धारा 44 ए.ई. में 10 से कम वाहन वाले मालिकों को नये नियमांे के कारण हो रही परेशानी से भी अवगत कराया। आयकर अधिनियम कि धारा 44 एई के अन्तर्गत जो माल वाहक वाहन के स्वामी है एवं 10 से कम वाहन हैं तो उनको इस धारा के अनुसार आयकर विवरणी प्रतिवर्ष दाखिल करनी पड़ती है। जो कि 7500 प्रति माह प्रति वाहन से प्रतिवर्ष 90000 आय दर्शानी होती है। बीमा लेखा जोखा के अन्तर्गत उक्त आय भारत सरकार आयकर विभाग द्वारा मान्य है। लेकिन वितिय वर्ष 2018-2019 से यदि ट्रक का सकल वजन 55 टन है तो 55000 रूपये प्रतिमाह से बढाकर इसको 660000 छह लाख साठ हजार कर दिया है। वर्तमान नियमानुसार 660000 प्रति ट्रक पूर्व मे 90000 रूपये प्रतिवर्ष उक्त वृद्धि 7 गुना से भी ज्यादा है जिससे ट्रक ऑपरेटरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस पर सांसद जोशी ने वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर उक्त वृद्धि 5 प्रतिशत करवाने के नियमों में संसोधन करवाने का आग्रह किया जिससे उनको राहत मिल सके।

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