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मोदी जी का रोड़ शो – तीर एक निशाने अनेक

भारत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वाराणसी में हुए रोड शो ने विश्व रिकार्ड बना दिया। वाराणसी से दूर बैठे हम लोगों को यह तो अंदाजा था कि नरेन्द्र मोदी जी के रोड शो में उपस्थिति अच्छी रहेगी लेकिन जो जनसमर्थन वाराणसी की जनता ने दिखाया वह अविश्वसनीय था। क्या बच्चे? क्या बुजुर्ग? और क्या महिलाऐं? जिस तरह से पलक पांवडे बिछा कर मोदी का स्वागत करने के लिये आतुर दिखे उससे मोदी के व्यक्तित्व के प्रति लोगों का विश्वास प्रदर्शित हुआ। सारे मीडिया हाउस हैरान परेशान थे कि रोड शो के कौन से हिस्से को कवर करें और कौन से हिस्से को छोडें।

देश भर में लोग अभिभूत थे श्री नरेन्द्र मोदी को मिल रहे जनसमर्थन को देखकर। वाराणसी के अलावा भी बात करें तो लोकसभा चुनाव के मद्देनजर श्री नरेन्द्र मोदी भारत के किसी भी हिस्से में गए हों फिर वह चाहे सूदूर पूर्व हो या पश्चिम, उत्तर हो या दक्षिण उनकी सभाओं में दिखने वाली उपस्थिति ने बताया कि श्री नरेन्द्र मोदी आज की तारीख में देश के सर्वमान्य नेता बन गए हैं।

सर्वाधिक आश्चर्य पूर्वोत्तर के राज्यों में मिल रहे समर्थन को देखकर होता है क्योंकि विगत कुछ दशकों में पूर्वांचल के हमारे राज्यों की स्थिति ऐसी हो गई थी कि लगता ही नहीं था कि वे राज्य हमारे देश का हिस्सा हैं भी। श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद पूर्वोत्तर के राज्यों का भारत के साथ सम्बन्ध मजबूत करने की दिशा में जो प्रयास किये वो अभूतपूर्व साबित हुए हैं। पूर्वांचल के लोग आज देश की मुख्यधारा से फिर जुड गए हैं यह सामान्य बात नहीं है। यही बात देश के अन्य हिस्सों के सम्बन्ध में भी कही जा सकती है। हमारी यह धारणा कि अलग भाषा अलग वेश फिर भी अपना एक देश जीवंत होती नजर आ रही है तो उसमें हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री का अहम योगदान है। विपक्षी दल भले ही प्रधानमंत्री के विदेश दौरों का मजाक बनाते हों लेकिन समय समय पर देश के अलग अलग राज्यों में जाकर जिस तरह का अंर्तसम्बन्ध राज्यों में उन्होने खडा किया उसके महत्व को नमारा नहीं जा सकता भले ही उसका माध्यम जीएसटी लागू करने की बैठकों के आयोजित दौर की हो या नीति आयोग के गठन में राज्यों की भूमिका का निर्धारण हो। हम अंदाजा लगा सकते हैं कि अपने चुनाव क्षेत्र के रूप में वाराणसी का चयन श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाना उनकी कितनी दूरदृष्टि का परिचय देता है। वाराणसी को पूर्वांचल का द्वार कहा जाता है और इस द्वार से पूर्वी भारत में श्री नरेन्द्र मोदी ने जो कार्य किये हैं उससे ना केवल देश की समग्र विकास की एक मजबूत अधोसंरचना विकसित होती दिखाई दी वहीं देश के राजनैतिक समीकरणों का भी उन्होने अत्यंत ही चतुराई से बदलने में सफलता प्राप्त की है। इसलिये वाराणसी का रिकार्डतोड रोड शो ऐसे ही नहीं हुआ उसके पीछे की रणनीति, योजना और दूरदृष्टि आने वाले समय में शोध का विषय रहेगा।

राजनीति के विद्यार्थी इस बात पर शोध करेंगे कि एक साथ इतने सारे मोर्चों का विचार करते हुए राजनीति किस प्रकार से की जा सकती है? रोड शो केवल एक माध्यम था यह बताने का कि गुजरात का एक व्यक्ति किस तरह से पूर्वांचल के द्वार पर खडे होकर हुंकार भर सकता है और सारा का सारा विपक्ष बस टीवी पर रोड शो में उपस्थित जनसमुदाय को देखकर आहें भर सकता है। श्री नरेन्द्र मोदी आज भारत के ऐसे ब्रांड बन गए हैं जो भारत का सम्पूर्ण विश्व में प्रतिनिधित्व कर रहा है। अमेरिका की सिटी बसों पर चुनाव के परिणामों के आने के पहले ही वेलकम मोदी के पोस्टर लगना इस बात का संकेत दे रहा है कि केवल भारत के लोग ही नहीं बल्कि विश्व समुदाय भी श्री नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनता हुआ देखना चाहता है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के कथन कि भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बनें तो ठीक रहेगा को हम भले ही मजाक में उडा दे तो ही जमीनी हकीकत से मुंह नहीं फेरा जा सकता। आज नरेन्द्र मोदी देश की ही नहीं विश्व की जरूरत बन गए हैं तो इस पर हमें गर्व करना चाहिये। आज मोदी चाय वाला और चौकीदार की सारी सीमाओं को पार कर आगे निकल गए हैं और उनके सामने विपक्ष बौना नजर आ रहा है तो यह भारत के लिये शुभ संकेत है क्योंकि रोड शो ऐसे ही नहीं किसी के विश्व रिकार्ड नहीं बना करते है।

– डॉ. क्षितिज पुरोहित, मंदसौर

9425105610

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