You are here
Home > राज्य और शहर > मतगणना केन्द्र पर न वाईफाई होगा, न वेब कास्टिंग होगी, मतगणना कक्षों में नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल

मतगणना केन्द्र पर न वाईफाई होगा, न वेब कास्टिंग होगी, मतगणना कक्षों में नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल

Votes Counting

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री कान्ता राव ने वीसी में मतगणना संबंधी निर्देश दिए

भोपाल । प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल.कान्ता राव ने आज मंगलवार को प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मतगणना सम्बन्धी निर्देश एवं मार्गदर्शन दिया। वीसी में बताया गया कि मतगणना केन्द्र पर किसी भी हालत में वाईफाई की अनुमति नहीं होगी। इंटरनेट का काम लेन से होगा। मतगणना कक्षों तक रिटर्निंग अधिकारी एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी भी अपने मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। मोबाइल रखने के लिए एक स्थान पर व्यवस्था की जा रही है। मतगणना के लिए मतगणना कक्षों में लगाई जा रही जाली के अन्दर जाने की उम्मीदवारों तथा उनके मतगणना एजेन्ट्स को भी अनुमति नहीं होगी। मंत्री, सांसद, विधायक, निगम मंडलों के अध्यक्ष, सरपंच, नगर निगम नगर पालिकाओं के अध्यक्ष आदि किसी को भी अन्दर जाने की अनुमति नहीं होगी। मतगणना एजेन्ट्स को अपनी टेबल से दूसरे टे‍बिल पर जाने की अनुमति नहीं होगी। मतगणना कक्ष में सीसीटीवी एवं वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था रहेगी, परन्तु वीडियोग्राफी के लिए वहां कोई स्थाई कैमरा नहीं लगाया जा सकेगा।

मीडियाकर्मी मीडिया सेन्टर तक अपना मोबाइल ला सकेंगे, परन्तु उन्हें मतगणना स्थलों पर मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मीडियाकर्मी छोटे-छोटे समूहों में मतगणना स्थलों पर जाएंगे, परन्तु वे जाली के बाहर तथा आरओ टेबिल से कुछ दूरी पर एक निर्धारित स्थान से ही स्टील कैमरे से फोटो-वीडियो कव्हरेज कर पाएंगे। वे मतगणना स्थल पर ट्राइपॉड पर कोई कैमरा नहीं लगा सकेंगे। मतगणना स्थलों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। स्ट्रांगरूम से मतगणना कक्ष तक ईवीएम को लाने-ले जाने की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। बाद में किसी उम्मीदवार द्वारा मांग करने पर उसे यह वीडियो रिकॉर्डिंग दी जा सकेगी। बताया गया कि मतगणना के लिए कंट्रोल यूनिट टेबिल पर आएगी। इनकी गणना हो जाने के उपरान्त मतगणना अभिकर्ताओं को यदि कोई ऑब्जेक्शन है तो इसके लिए वे 2 मिनिट में बता सकते हैं। इसके निराकरण के पश्चात ही प्रत्येक विधानसभा के 5-5 मतदान केन्द्रों की वीवीपेट की गणना की जाएगी। इसके अलावा गणना के समय यदि कोई कंट्रोल यूनिट खराब हो जाती है तो उस मतदान केन्द्र की वीवीपेट की गणना भी की जाएगी। मतगणना उपरान्त स्ट्रांगरूम में मशीनों की सीलिंग का कार्य किया जाएगा। बताया गया कि इस बार आयोग द्वारा वोटर हैल्पलाइन मोबाइल एप भी बनाया गया है। इस एप से कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान के मतगणना के परिणामों को देख सकता है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री कान्ता राव ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को मध्य प्रदेश में इस बार के लोकसभा निर्वाचन में मतदान का प्रतिशत बढ़ने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के इतिहास में यह अधिकतम मतदान प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है।

Sharing is caring!

Similar Articles

Leave a Reply

Top