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“कोरोना विस्फोट में बढ़ती जनसंख्या एक चिंता का विषय”

बढ़ती हुई जनसंख्या आज सम्पूर्ण विश्व के लिए एक चुनौती बनी हुई है। प्रतिवर्ष 11 जुलाई को सम्पूर्ण विश्व में बढ़ती जनसंख्या के मुद्दे पर लोगो की जागरूकता को बढ़ाने के लिए विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या संबन्धित समस्याओं पर विश्व चेतना जागृत करना है। आज सम्पूर्ण विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है और सीमित संसाधनो के ऊपर बढ़ती जनसंख्या हावी हो चुकी है जिसके कारण सभी को सम्पूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसी समस्या और उसके प्रति चेतना को डॉ. रीना रवि मालपानी ने अपनी कविता के माध्यम से बयां किया है:

“कोरोना विस्फोट में बढ़ती जनसंख्या एक चिंता का विषय”

जनसंख्या विस्फोट से उपजी समस्याओं पर करना होगा विचार, विश्व हित में लेना होगा इसे नियंत्रित करने का निर्णय इस बार।

जनमानस को होना होगा इस विषय में जागरूक, परिवार नियोजन को अपनाकर निभानी होगी भूमिका निर्णायक।

11 जुलाई को मनाया जाता विश्व जनसंख्या दिवस का दिन, अनदेखी की तो बढ़ती आबादी के कारण भूखमरी से जूझना होगा एक दिन।

जनसंख्या वृद्धि विश्व में चिंता का है विषय, समय रहते इस पर अंकुश लगाने का लेना होगा निर्णय।

वर्तमान में छोटे परिवारों पर दिया जा रहा बल, परिणामस्वरूप उत्तम शिक्षा, स्वास्थ्य व सुरक्षित वातावरण मिले कल।

प्राकृतिक संसाधनो का सतर्कता से करना होगा दोहन, वरना बढ़ती जनसंख्या से कष्टकारक होगा खर्चो का वहन।

वर्तमान परिस्थितियों पर चिंतन कर करना है इसका निवारण, बढ़ती आबादी बनेगी आर्थिक संकट का एक कारण।

छोटा परिवार सुखी परिवार अपनाना होगा यह मंत्र, तभी बन सकेगा भारत एक मजबूत लोकतन्त्र।

जनसंख्या के बढ़ते आँकड़ो से हो रहा दुष्प्रभाव, लाएगा यह खाद्यान; ऊर्जा संसाधनो; जल का भविष्य में ये अभाव।

बढ़ती जनसंख्या के कारण करना पड़ेगा भीषण समस्याओं से साक्षात्कार, जनसंख्या विस्फोट को रोककर ही हो सकेगा विश्व में चमत्कार।

भूखमरी, गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार की है ये जनक, नहीं संभलें तो विकराल परिणाम आएगा भविष्य में अचानक।

जनसंख्या विस्फोट के कारण कोरोना महामारी में व्यवस्था हुई अनियंत्रित, डॉ. रीना कहती विश्व में जनसंख्या विस्तार को करना होगा संयमित।

डॉ. रीना रवि मालपानी

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