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मध्यप्रदेशः मंदसौर की लहसून मंडी ले न डूबे पूरे जिले कोः न मुंह पर मास्क और न ही सोशल डिस्टेसिंग

मंदसौर। मंदसौर जिला मुख्यालय पर स्थित कृषि उपज मंडी में इन दिनों लहसून की बम्पर आवक हो रही है। लेकिन न मास्क की अनिवार्यता दिखाई दे रही है और न ही सोशल डिस्टेसिंग क पालन किया जा रहा है। दरअसल, कृषि उपज मंडी मंदसौर में लगातार कई दिनों से लहसून की नीलामी, तुलाई व उठाव के दौरान हजारों की तादाद में व्यापारी, किसान और हम्माल कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के पालना से बेफ्रिक हो रहे है।

उल्लेखनीय है कि देश के कई राज्यों के साथ हमारे प्रदेश व जिले में भी कोरोना महामारी तेजी से फैल रही है। प्रशासन ने किसानों की उपज को बेचने के लिए छूट दी है, लेकिन प्रशासन व मंडी अधिकारियों की अनदेखी के कारण मंडी में सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो रहा है। न ही लहसुन की तुलाई के हम्मालों और तुलावटियों द्वारा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अपनाए जाने वाले सुरक्षा के उपायों का ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों और मंडी कर्मचारियों की लापरवाही कहीं भारी न पड़ जाए।

किसानों की समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए मंडी में फसल व लहसून बेचने की छूट दी है। इसके बावजूद मंडी में लोग सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। मंडी में किसान, तुलावट और हम्माल न मॉस्क लगा रहे हैं और न ही सैनिटाइजर से अपने हाथ साफ कर रहे हैं। फसल तोलते समय हम्माल और तुलावट द्वारा दस्ताने भी नहीं पहने जाते हैं। इससे मंडी प्रशासन की जरा सी चूक भारी न पड़ जाए।

मंदसौर कृषि उपज मंडी में लहसून की बम्पर आवक हो रही है तो वहीं किसानों और हम्मालों का यहां मेला लगा हुआ हैं। पूरे मंदसौर जिले से तथा आसपास के क्षेत्र नीमच जिले और राजस्थान से भी किसान अपनी लहसून लेकर मंडी में बेचने आ रहे है। न किसान मास्क पहने हुए है और न ही हम्माल और न ही किसी प्रकार की सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो रहा है। इधर प्रशासन भी इस अव्यवस्था को सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है।

बता दें कि मंदसौर नगर व जिले में तथा समीपवर्ती राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे है। ऐसी स्थिति में कोई कोरोना संक्रमित लहसून मंडी में आ जाता है तो जो कोरोना विस्फोट होगा उसका अंदाजा भी लगाया जा नहीं सकता है। कोरोना के डरने की बजाए किसान, हम्माल कोरोनावारस को खुले रूप से आमंत्रण दे रहे है।

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