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मध्यप्रदेश के गांवों में प्रवासी मजदूरों के लौटने के बाद तीन गुना तेजी से फैल रहा हे कोरोनावायरस

भोपाल, June14 । मध्य प्रदेश में जानलेवा कोरोना वायरस अब तेजी से गांवों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। प्रवासी मजदूरों के लौटने के बाद मध्य प्रदेश के 50 जिलों के 462 गांवों में 951 लोग संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 32 लोगों की मौत हो चुकी है। चूंकि गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं शहरों जितनी अच्छी नहीं है, ऐसे में शिवराज सरकार के लिए गांवों में इस पर काबू पाना बड़ी चुनौती बन रहा है।

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दो दिन पहले ही भोपाल शहर को छोड़कर बाकी जगहों पर कोरोना महामारी पर काफी हद तक काबू पाने का दावा किया था। लेकिन पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश में 462 गांवों में कोरोना के मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 479 प्रवासी श्रमिक जबकि 472 अन्य ग्रामीण हैं। इनमें से 32 लोगों को जान जा चुकी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 21 मई तक 186 गांवों में 336 संक्रमित थे, लेकिन बीते 22 दिन में ही संक्रमित लोगों की संख्या तिगुनी हो चुकी है। वहीं, 276 नए गांव इसकी चपेट में आए हैं। इंदौर जिले के बांक गांव में सबसे अधिक 22 मामले सामने आए हैं, जिनमें से छह मरीजों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार 52 में से 50 जिलों के गांव महामारी से प्रभावित हैं। जिन दो जिलों के गांवों में यह बीमारी नहीं पहुंची है, उनमें होशंगाबाद और निवाड़ी हैं।

राज्य के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने बताया, राज्य सरकार गांवों में महामारी से निपटने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। अब तक 14.82 लाख से ज्यादा श्रमिक दूसरे राज्यों से मध्य प्रदेश लौटे हैं। गांवों में प्रवासी श्रमिक और अन्य ग्रामीणों सहित करीब 12,04,315 लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। राज्य में अब तक कुल 10,433 लोग संक्रमित मिले चुके हैं। इनमें से 440 लोगों की मौत हो चुकी है।

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