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एक कोरोना योद्धा यह भी/ लॉकडाउन में पशुओं के पीने के पानी के लिए निःशुल्क रखी 101 पानी की खेर

#CoronaWarrior #OmBarodiya
  • गौ सेवक ओम बड़ोदिया एवं उनकी टीम का सराहनीय प्रयास
  • लॉकडाउन में मूक पशुओं के प्रति समर्पित की अपनी सच्ची सेवा
  • गौ सेवा कार्य में लम्बे समय से समर्पित है ओम बड़ोदिया
  • 5 सालों में साढ़े 5 हजार गायों एवं बंदरों का किया जा चुका है उपचार

मंदसौर। पूरे विश्व के साथ-साथ हमारे भारत देश में कोरोना वायरस महामारी चल रही है और इसको देखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 मार्च से पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। लॉकडाउन-1 से लॉकडाउन-4 का सिलसिला करीब 65 दिन चला और इन 65 दिनों में जहां आम जनता घरों में रही वहीं आम जन के घरों में रहने से मूक पशुओं के खाने और पीने की समस्या पैदा हो गई। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज सेवी संगठन, आम लोग मूक पशुओं के खाने-पीने की जिम्मेदारी लेकर मैदान में उतरे और गायों को सुबह-शाम रचका/हरी घास, भूसा आदि का प्रबंध कर उन्हें खिलाया गया।

जब कोरोना वॉरियर्स का नाम लिया जाता है तो हम उस परिवेश में हमारे डॉक्टर्स, पुलिस, स्वास्थ्य कर्मचारी, सफाई कर्मचारियों को लेते है लेकिन मूक पशुओं की देखभाल और लॉकडाउन में उनके खाने/पीने का प्रबंध करने वाले यह लोग कोरोना वॉरियर्स से कुछ कम नहीं थे।

एक कोरोना योद्धा यह भी

असली योद्धा वही होता है तो विकट परिस्थिति में समाजसेवा/जनसेवा में अग्रणी भूमिका निभाये। मंदसौर में भी एक ऐसा ही कोरोना योद्धा है जो पांच सालों से लगातार गौ सेवा को ही धर्म मानकर उनकी सेवा में लगा हुआ है। इस योद्धा का नाम है ओम बड़ोदिया।

ओम बड़ोदिया और इनकी टीम ने लॉकडाउन में मंदसौर नगर की विभिन्न कॉलोनियों एवं स्थानों का चयन कर पीने के पानी के लिए प्यासी भटक रही गायों एवं मूक पशुओं के लिए स्थान चिन्हित किए और इन स्थानों पर निःशुल्क 101 पानी की टंकी/खेर जाकर रखवाई तथा इन पानी की खेर को नियमित भरवाने की जिम्मेदारी चिन्हित स्थानों के लोगों को दी। कुछ जगह जहां पानी की खेर रखवाई वहां लोगों ने इसे भरने में हां-ना वाला राग अलापा तो फिर ओम बड़ोदिया एवं टीम ने स्वयं पानी की खेर प्रतिदिन भरने का निर्णय भी लिया। लॉकडाउन में मूक पशुओं के खाने-पीने का पूरा ध्यान रखने और सेवा करने वालों को भी अगर कोरोना योद्धाओं की श्रेणी में लिया जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

यहां मत रखो यहां गाय गंदगी करती है

ओम बड़ोदिया ने बताया कि नगर में विभिन्न कॉलोनियों और स्थानों को चिन्हित कर पानी की टंकी/खेर रखने के लिए हम गए तो अग्रसेन नगर, कोठारी कॉलोनी, गणपति चौक, गोल चौराहा आदि स्थानों पर कुछ लोग ऐसे भी मिले जिन्होंने पानी की खेर रखने पर आपत्ति जताई। उनके द्वारा यह कहा गया कि यहां मत रखो यहां गाय गंदगी करती है ? पानी कौन भरेगा ? यहां चीटियां हो जाएगी ? हमारे घर के सामने मत रखो यहां हमारी खड़ी होती है ?

विडम्बना यह है कि यह वही लोग है जो समाजसेवा की बड़ी-बड़ी बातें करते है, श्राद्ध में गायों को गली-गली में ढूंढकर खाना भी खिलाते है और जब गायों की सच्ची सेवा की बात आती है तो पीछे भी हट जाते है।

दिन हो या रात ओम बड़ोदिया को किया जाता है याद

गाय बीमार हो, घायल हो, भूखी हो या प्यासी हो मंदसौर नगर तथा आसपास के क्षेत्र में ऐसी कोई भी गाय दिखती है तो दिन हो या रात गौशाला, नगर पालिका को फोन करने की बजाए घंटी बजती है तो ओम बड़ोदिया के मोबाईल की और समय न गंवाते हुए दवाई, इंजेक्शन का बेग लेकर अपने साथियों के साथ ओम बड़ोदिया तुरंत उस स्थान पर पहुंचकर गाय का उपचार कर उसे सम्मान पूर्वक गौशाला भिजवाते है।

ओम बड़ोदिया को गौ सेवा करते-करते 5 साल हो गए है और इन पांच सालों के दरम्यिन ओम बड़ोदिया अभी तक साढ़े 5 हजार मूक पशुओं जिसमें गाय और बंदर भी शामिल है उनका उपचार कर चुके है।

ओम बडोदिया ने बताया कि घायल गायों के साथ ही बंदरों के लिए भी मुझे फोन आते है। अगर कोई बंदर मर गया है तो उसका विधिवत अंतिम संस्कार किया जाता है। वहीं अगर कोई बंदर घायल अवस्था में है तो उसका उपचार करवाकर वन विभाग के माध्यम से उसे जंगल में छोड़ा जाता है।

वहीं ओम बड़ोदिया एवं उनकी टीम गौ सेवा के साथ-साथ अन्य सामाजिक गतिविधियों में भी पीछे नहीं है। मानसिक रोगी की भी सूचना मिलने पर ओम और उनकी टीम मौके पर पहुंचती है, मानसिक रोगी को नहलाकर, उनकी दाढ़ी-कटिंग बनवाकर, अच्छे कपड़े पहनाकर उनका ध्यान रखती है। आज तक ऐसे 15 मानसिक रोगी को चिन्हित किया जा चुका है और दो को सकुशल घर भेजा गया बाकि को विक्षिप्त केन्द्रों पर भेजा गया है। इसके अलावा रक्तदान में भी ओम और उनकी टीम का सराहनीय योगदान है।

यह है ओम बड़ोदिया की टीम

ओम बड़ोदिया की टीम में उनका कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने वाले प्रिंस सिसोदिया, दिलीप जाटव, पवन कुमावत, धर्मेंद्र प्रजापत, गोपाल परिहार, रोहित सबनानी, विजय आंजना, मनीष देवड़ा, लोकेंद्र सिंह पवार, अनिल जाटव, यशपाल सिंह पवार, विष्णु परिहार आदि है।

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