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25 रूपये का नकली रेमडेसिविर बिक रहा था 35 हजार रूपये में !

रतलाम मेडिकल कॉलेज से नर्स अपने भाई को देती थी खाली शीशी, भाई उसमें एंटीबॉयोटिक भरता था !

रतलाम, 27 अप्रैल। शनिवार की रात को रतलाम पुलिस ने जीवांश हॉस्पिटल के दो डॉक्टर उत्सव नायक, यशपाल सिंह को 30 हजार लेकर रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिलीवरी देते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। फिर इसी मामले में मंदसौर का प्रणव जोशी भी गिरफ्तार हुआ था। कड़ियां जुड़ती गई और पुलिस ने इस मामले में बड़ा रैकेट का भंडाफोड़ किया जिसमें रतलाम मेडिकल कॉलेज की नर्स रीना प्रजापति, उसका भाई पंकज प्रजापति, जिला अस्पताल में पर्ची बनाने वाले रोहित मालवीय और गोपाल मालवीय भी गिरफ्तार हुए।

इस पूरे गैंग का मास्टर माइंड पंकज प्रजापति निकला जो रतलाम मेडिकल कॉलेज में नर्स के रूप में कार्यरत अपनी बहन रीना प्रजापति के माध्यम से 25 रूपये का नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाकर उसे मेडिकल पर 6 से 8 हजार रूपये में बेच देता था और फिर मेडिकल से यह नकली रेमडेसिविर दलालों के माध्यम से मरीजों को 30-35 हजार रूपये में उपलब्ध हो रहा था।

पुलिस की विवेचना में यह जानकारी आई कि रतलाम मेडिकल कॉलेज में कार्यरत नर्स रीना प्रजापति अपने भाई पंकज प्रजापति को रेमडेसिविर इंजेक्शन की खाली शीशी लाकर देती थी। भाई पंकज इसमें सामान्य एंटीबायोटिक सेफ्ट्रिक्सोन पाउडर मिलाकर उसे फेवीक्विक से फिर से पैक कर देता था। इंजेक्शन के खाली खोखे पर लिखे हुए मरीज के नाम को सैनिटाइजर से मिटा कर उसे कालाबाजारी करने वालों को 6 से 8 हजार रुपए में बेच देता था। दलालों के माध्यम से यह नकली इंजेक्शन जरूरतमंद ग्राहकों तक 30 से 35 हजार रुपए तक में बिकता था।

पुलिस इन सातों आरोपियों के विरूद्ध रासुका लगाने की तैयारी में है ।

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