You are here
Home > राज्य और शहर > मध्यप्रदेश में पेड़ काटने पर 1.21 करोड़ का जुर्माना

मध्यप्रदेश में पेड़ काटने पर 1.21 करोड़ का जुर्माना

रायसेन, 28 अप्रैल। प्रकृति को प्राण वायु ऑक्सीजन देने वाले पेड़ों की कीमत अपना मनुष्य को समझ में आने लग गई है और यह कीमत भी तब समझ में आई जब ऑक्सीजन का संकट लोगों की जान ले रहा है। पेड़ों के महत्व को समझते हुए मध्यप्रदेश के सिंघोरी वन अभ्यारण्य में दो पेड़ काटने वाले आरोपी छोटेलाल पर वन विभाग ने 1 करोड़ 21 लाख 7 हजार 700 रूपये का जुर्माना लगाया है।

वन विभाग ने पेड़ों को वन संपदा माना और एक पेड़ की उम्र 50 साल मानकर जुर्माने का कैलकुलेशन कर इतना बड़ा जुर्माना किया। दरअसल, आरोपी ने इसी साल जनवरी में अभ्यारण्य की बीट पहरिया में सागौन के दो पेड़ काट दिए थे। तभी से वह फरार चल रहा था।

बम्हौरी वन परिक्षेत्र अधिकारी महेंद्र कुमार पलेचा ने बताया कि डायरेक्टर जनरल इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन के मुताबिक, एक पेड़ की उम्र 50 साल होती है। 50 साल में एक पेड़ 52 लाख 400 रु. की सुविधा प्रदान कर सकता है।

इनमें 11 लाख 97 हजार 500 रु. की ऑक्सीजन है, जो वो छोड़ता है। यही ऑक्सीजन प्राणवायु का काम करती है। इतने सालों में यही एक पेड़ 23 लाख 68 हजार 400 रु. का वायु प्रदूषण नियंत्रित करता है। जबकि 19 लाख 97 हजार 500 रु. मूल्य की भूक्षरण नियंत्रण व उर्वरता बढ़ाने में सहयोग करता है। बारिश के पानी को रोकने, कटाव रोकने, जल को रिसाइकिल करने में 4 लाख 37 हजार रु. की मदद देता है। इस तरह एक पेड़ हमें 50 साल में 52 लाख 400 रु. से अधिक का फायदा पहुंचाता है।

इसलिए छोटे लाल पर सागौन के दो पेड़ काटने पर 1 करोड़ 21 लाख 7 हजार 700 रु. जुर्माना लगाया है। फिलहाल मामला कोर्ट में है। इसमें 26 अप्रैल को ही चालान पेश किया गया है। साथ ही पेड़ काटने से होने वाले नुकसान के आधार पर कड़ी सजा देने की मांग की गई है।

Sharing is caring!

Similar Articles

Leave a Reply

Top