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खनिज विभाग की निष्क्रियताः रायल्टी के नाम पर हो रही अवैध वसूली के मामले ने तूल पकड़ा

धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भजन गाकर खनिज विभाग को सद्बुध्दि देने की प्रार्थना की

अवैध वसूली के 22 हजार लौटाए तब हुआ धरना खत्म

मंदसौर/पिपलियामंडी। क्षेत्र में रायल्टी के नाम पर फर्जी रसीदों से हो रही अवैध वसूली को लेकर शुक्रवार को गांव मंशाखेड़ी में खनिज माफियाओं के साथ झूमाझटकी के बाद अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचन्द्र व ग्रामीणजन नारायणगढ़ थाने के बाहर शाम 5 बजे धरने पर बैठ गए। देर शाम तक वे थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। नारायणगढ़ के साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे, लेकिन कोई हल नही निकला। देर रात्रि ठेकेदार पहुंचा और ली गई राशि वापस दी तब जाकर कांग्रेस नेता व ग्रामीण 8.30 बजे धरने से उठे।

जीप लेकर पहुंचे वसूली करने, ग्रामीणों ने की झूमाझटकी

जानकारी के अनुसार गुरुवार को कांग्रेस नेता श्यामलाल जोकचन्द्र गांव मंशाखेड़ी में शोक व्यक्त करने पहुंचे थे, इसी दौरान ग्रामीणों ने रेत माफियाओं द्वारा की जा रही अवैध वसूली का विरोध किया था। ग्रामीणों का कहना था कांग्रेस सरकार में 1200 रुपए प्रति ट्राली के हिसाब से फर्जी रसीद देकर वसूले जा रहे है व खनिज माफिया रिवाल्वर लेकर डरा रहे रहे है।

जोकचन्द्र ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि रेत रायल्टी से उनका कोई लेना देना नही है, अगर कोई अवैध तरीके से वसूली करता है तो उसे पुलिस के सुपुर्द करे। दूसरे दिन शुक्रवार को ही जीप लेकर आए रेत माफिया गिरोह के पांच सदस्यों को रेत लेकर जा रहे ट्रेक्टर चालकों से 1200 रुपए की फर्जी रसीद देकर वसूली करते हुए लोगों ने पकड़ लिया, झूमाझटमी होने के बाद सूचना पर बूढ़ा चैकी पुलिस मौके पहुंची व बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया। इसके बाद ग्रामीणजन दोपहर 1 बजे करीब नारायणगढ़ पुलिस थाने पहुंचे।

कांग्रेस नेता जोकचन्द्र बैठे धरने पर

ग्रामीणों की सूचना पर प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्यामलाल जोकचन्द्र, महासचिव कमलेश पटेल, प्रदेश प्रतिनिधि मोहनलाल गुप्ता, भाजपा नेता भरत जोशी, संजीत ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष शीतलसिंह बोराना, मानसिंह चैहान, भगतराम डाबी आदि भी नारायणगढ़ थाने पहंुचे और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों की मांग थी कि अवैध रुप से फर्जी रसीदों के जरीये वसूली करने वालों पर धौखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाए। विरोध बढ़ता देख एसडीओपी धीरज बब्बर, तहसीलदार प्रीति भीसे, जिला खनिज अधिकारी मैजरसिंह जमरा सहित अतिरिक्त पुलिस बल मौके पहुंचा।

थाने पर दिया आवेदन, कहा रिवाल्वर लेकर डराते है माफिया

ट्रेक्टर-ट्राली से रेत परिवहन करने वाले 30 जनों ने नारायणगढ़ थाने पर हस्ताक्षरयुक्त आवेदन दिया। जगदीश पिता मांगीलाल बंजारा, कैलाश पिता बंशीलाल बंजारा, हरिसिंह पिता अर्जुनसिंह राजपूत, गणपतसिंह पिता पप्पूसिंह राजपूत, सुरेन्द्रसिंह पिता रणसिंह राजपूत, गोपाल पिता कंवरलाल बंजारा, विक्रम पिता देवीलाल बंजारा, हीरालाल पिता धुरीलाल बंजारा, हिम्मतसिंह पिता जुझारसिंह राजपूत, श्रवणसिंह पिता इंदरसिंह राजपूत, नाहरसिंह पिता दुर्गासिंह राजपूत, अम्बाराम पिता जगदीश बंजारा, दशरथ पिता प्रभुलाल भर्रावत, राधेश्याम पिता भेरुलाल बंजारा, कारुलाल पिता शंभूलाल मीणा, भागीरथ पिता मांगीलाल बंजारा, गोविंद पिता कंवरलाल बंजारा, अर्जुन पिता राजमल बंजारा, प्रहलाद पिता केशुराम बंजारा, गोविंद पिता धुरीलाल बंजारा, देवीलाल पिता रामसिंह गुर्जर, भीमलाल पिता नानूराम, प्रहलाद पिता भीमलाल बंजारा, गणपतसिंह पिता पप्पूसिंह राजपूत, लक्ष्मणसिंह पिता शंभूसिंह सोमिया, भारत पिता पृथ्वीराज गायरीखेड़ा, गुड्डा पिता नेनूराम अड़मालिया, समरथ पिता देवीलाल गुर्जर, महेश पिता नाथूलाल, दशरथ पिता मानसिंह गुर्जर ने यह आवेदन दिया।

रिवाल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप

सभी आवेदनकर्ताओं ने बताया असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रेती ठेकेदार बनकर रेती परिवहन चालकों से अवैध राशि वसूली जा रही है, जाति सूचक शब्दों से अपमानित कर पिस्टल से धमकाया जा रहा है। आवेदन में आगे बताया हमारे क्षेत्र में हमारी निजी जमीन से रैती मजदूरों द्वारा एकत्र कर उसे बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते है। लेकिन पिछले एक माह से क्षेत्र में ठेकेदार के नाम से नारायणगढ़ के हीरालाल पाटीदार व उसके गुर्गे हमको रिवाल्वर दिखाकर डरा, धमकाकर 1200 से 2000 रुपए राशि वसूल रहे है। जिसमें कल्लू मेवाती नारायणगढ़, अमजद पठान पिपलियामंडी, अजय हंस टकरावद, अमन मेवाती पहेड़ा मगरा सहित 20 से 25 व्यक्ति वाहनों को रोककर अवैध वसूली कर रहे है। इन पर मामला दर्ज किया जाए।

दोपहर से शाम हो गई, नही हुआ मामला दर्ज, धरना जारी

प्रकरण दर्ज नही होने पर कांग्रेस नेता व ग्रामीणजन दोपहर को थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। विरोध बढ़ता देख पुलिस, प्रशासनिक व खनिज अधिकारी भी पहुंच गए, लेकिन सभी जांच के बाद प्रकरण दर्ज करने का आश्वासन देते रहे, जबकि कांग्रेस नेताओं व ग्रामीणों का कहना था पहले कई बार शिकायत की जा चुकी है, प्रकरण दर्ज करे, तभी यहां से हटेंगे। इस मौके पर धरने पर बैठे लोगों ने रघपुति राघव राजाराम भजन गाकर प्रशासन को सद्बुद्धि देने की भी प्रार्थना की।

यह है मामला

जानकारी के अनुसार रायल्टी के नाम पर 125 रुपए लगते है, बिना ईटीपी के रेत परिवहन नही हो सकता है। आॅनलाइन रसीद रेत परिवहन कर ले जा रहे चालक को देना होती है, लेकिन रेत माफिया द्वारा मां भगवती कंस्ट्रक्शन कंपनी की छपी निजी रसीदों को देकर 1200 से 2000 रुपए वसूल रहे है। जिला खनिज विभाग के अधिकारियों व प्रशासन की मिलीभगत के चलते लाखों रुपए की रायल्टी चोरी कर शासन को चूना लगाया जा रहा है। रेत लेकर जा रहे वाहन चालकों को रायल्टी के नाम पर आॅनलाइन मैसेज में मोबाइल पर पुरानी दिनांक का मेसैज एडिट कर भेजा रहा है, खनिज माफिया फर्जीवाड़े में फर्जी रसीद में दिनांक भी नही बदल रहे, जो कि बड़ा फर्जीवाड़ा है। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद भी प्रशासन कार्रवाई की हिम्मत नही जुटा पा रहा है, कार्रवाई के नाम पर मजदूरी करने वाले छोटे वाहन चालकों व मजदूरों पर प्रकरण बनाकर दबाने की कौशिश की जा रही है। जानकार सूत्रों के अनुसार जिले में प्रतिदिन 500 से अधिक ट्राली रेत परिवहन हो रहा है, जिसमें करीब 10 लाख रुपए की अवैध वसूली हो रही है, आखिर यह रुपया कहां-कहां बंट रहा है, यह भी जांच का विषय है।

अवैध रेत कारोबार को लेकर यह बात आई सामने

वर्तमान में मल्हारगढ़ तहसील के पारली, अरनिया जटिया व आंत्रीखुर्द से ही रेत खनन का ठेका है, जो 2021 तक तक वैध है। सूत्रों की माने तो यह ठेका झारड़ा के एक भाजपा नेता का था, लेकिन सरकार बदलने के बाद उसने यह कार्य बड़ी राशि लेकर कुछ कांग्रेस के लोगों को सुपुर्द कर दिया है, जबकि नियमानुसार एसा नही हो सकता है। बताया गया अप्रेल से जिले में रेत खनन का ठेका (पारली, अरनिया जटिया व आंत्रीखुर्द को छोड़कर) मां भगवती कंस्ट्रक्शन कंपनी, चंदवासा (शामगढ़) का हो जाएगा। लेकिन यह कंपनी उससे पूर्व ही बिना ऑनलाइन के 1200 रुपए प्रति टेªक्टर से वसूल रही है। नियमानुसार प्रति ट्राली पर सफेद पर्ची ऑनलाइन बनती है, जिसका नाम मात्र शुल्क लिया जाता है, लेकिन बिना ऑनलाइन के ही दो अलग-अलग तरह की गुलाबी रंग की मां भगवती कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से छपी निजी पर्ची छपवाकर अवैध वसूली हो रही है।

फर्जीवाड़े व अवैध वसूली से रेत हुई महंगी

रेत खनन के माफियाओं द्वारा किए जा रहे फर्जीवाड़े से क्षेत्र में रेत की ट्राली काफी महंगी हो चुकी है। जानकार सूत्रों के अनुसार जहां रेत खनन होता है, वहां रेत भरने के लिए प्रति टेªक्टर से 5 हजार रुपए लिए जाते है। 500 रुपए ड्रायवर लेता है। 1100 रुपए का डीजल खर्च होता है। 1200 से 2000 रुपए अवैध रायल्टी वसूली होती है, इसके बाद भी रेत परिवहन करने वालों से पुलिस, प्रशासनिक व खनिज अधिकारी अलग से वसूली करते है। एसे में प्रति ट्राली रेत आम, आदमी को 8 से 9 हजार रुपए में पहुंचती है। जो गरीब वर्ग के लिए काफी महंगी साबित हो रही है। महंगी रेत मिलने के कारण गांव में गरीबों के लिए मकान व अन्य छोटे कार्य करना सपना बनकर रह गया है।

रुपए देने का आवश्वसन दिया, तब हटे धरने से

रात्रि आठ बजे करीब शासन द्वारा रेत सप्लाय के लिए अधिकृत मां भगवती कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक, किलगारी (चंदवासा, शामगढ़) निवासी दुलेसिंह नारायणगढ़ थाने पहंुचे, उन्होंने कंपनी के नाम से छपी लाल पर्ची पर शुक्रवार को टेªक्टर चालकों से लिए गए 22 हजार रुपए वापस दिए, तब जाकर कांग्रेस नेता व ग्रामीण धरने से उठे। ठेकेदार ने आश्वासन दिया कि अवैध तरीके से किसी भी प्रकार से वसूली नही की जाएगी। हालांकि अवैध वसूली करने वालों पर प्रकरण दर्ज नही हुआ।

काॅल रिसिव नही की

मामले की जानकारी को लेकर जिला खनिज अधिकारी मैजरसिंह जमरा से चर्चा करना चाही, लेकिन उन्होंने काॅल रिसिव नही की, वे मोबाइल काल को कट करते रहे। वहीं एसडीओपी धीरज बब्बर को काॅल की तो उनका मोबाइल नेटवर्क कवरेज क्षेत्र से बाहर आता रहा।

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