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बहुमुखी प्रतिभा के धनी-युग दृष्टाः-रवीन्द्रनाथ टैगोर

rabindranath tagore

कोई 90 -100 साल के संघर्ष के बाद हमें आजादी मिली। इस अवधि में विभिन्न वर्गों और धर्मों से जुड़े अनेक देशवासियों ने त्याग किया, बलिदान दिया, संघर्ष किया, नेतृत्व किया और स्वतंत्रता की नीवं रखी। उन्हीं महान विभूतियों में अग्रणी रहे गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर। जब देश में तीरंगा षिखर

भारत में पाकिस्तान परस्त बड़ी समस्या

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार की आर्थिक राजनैतिक व अन्य मोर्चों पर सर्जिकल स्ट्राईक चालू हो गई है । सरकार ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेषन का दर्जा वापस ले लिया है। अंर्तराष्ट्रीय व्यापार नियमों के अंतर्गत दुनिया के हर देश को व्यापार की दृष्टि से

बहुत हो गया, अब बर्दाश्त नहींः आतंकवाद को मिटाना ही होगा

अब भी हम क्या अपने जवानों को श्रद्धांजलि देकर शांति पाठ कर चुप बैठ जायेंगे ? क्या प्रतिपक्ष ऐसे ही आलोचना करता रहेगा ? क्या हम इस मामले में किसी ट्रम्प के मशविरे की राह देखेंगे ? क्या इसके बाद भी मसूद अजहर को अभय दान दिलवाते चीन की चिरौरी

क्यों मनाया जाता है अप्रैल फूल डे? क्या है इसका इतिहास?

1 अप्रैल को अप्रैल फूल डे मनाया जाता है। अप्रैल फूल को मूर्ख दिवस भी कहा जाता है। इस दिन लोग अपने मित्रों और सगे-सम्बन्धियों को मूर्ख बनाकर खुश होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अप्रैल फूल क्यों मनाया जाता है। आइए हम आपको अप्रैल फूल के बारे

अगर नौकरी पानी है तो रिज्यूम में नहीं करें यह गलतियाँ

आपका रिज्यूम आपके व्यक्तित्व व कॅरियर का एक दर्पण होता है। जब भी आप कहीं जॉब के लिए अप्लाई करते हैं तो सबसे पहले आपके रिज्यूम की ही डिमांड होती है तथा आपका रिज्यूम देखकर ही कंपनी आपकी दक्षताओं, अनुभवों व आपके व्यक्तित्व के बारे में अंदाजा लगाती है। इतना

मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव बनकर कमा सकते हैं खूब पैसा

गला काट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में बाजार में टिके रहने के लिए कंपनियां विपणन नीति का सहारा ले रही हैं। इससे दवा कंपनियां भी अछूती नहीं हैं। भूमंडलीकरण ने इस प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा दिया है। जैसे−जैसे मल्टी नेशनल कंपनियां भारतीय दवा बाजार में पैर फैला रही हैं वैसे−वैसे

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