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महाशिवरात्रिः ऐसे करे भगवान शिव का पूजन, सुख समृद्धि मिलेगी

21 फरवरी 2020 को महाशिवरात्रि है । महाशिवरात्रि भगवान शंकर की विशेष आराधना का पर्व है। महाशिवरात्रि के दिन भोले शंकर और माँ पार्वती का विवाह हुआ था इसलिए इस दिन का विशेष महत्व होता है। भगवान शंकर सबका कल्याण करने वाले भगवान हैं। जानिए महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की

पुष्य नक्षत्र 2019: सोना या चांदी खरीदने से क्या होगा लाभ ?

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इस वर्ष 2019 को पुष्य नक्षत्र सोमवार 21 अक्टूबर 2019 को आ रहा है । ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्रों में आठवां नक्षत्र पुष्य होता है जिसमें सभी नक्षत्रों का राजा माता जाता है । इस नक्षत्र के स्वामी शनि हैं जो चिरस्थायित्व प्रदान करते हैं और इस नक्षत्र के

पुष्य नक्षत्र 2019: इस वर्ष दो दिन है मंगलकारी संयोग

दीपावली से पहले पुष्य नक्षत्र आता है और पुष्य नक्षत्र अत्यंत शुभ माना जाता है । पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि रहते है। इस दिन सोना, चांदी, वाहन, घर एवं दुकान खरीदी जाती है साथ ही विप्र बंधुओं द्वारा इस दिन पंचांग, व्यापारी वर्ग द्वारा बही खाते खरीदे जाते है।

करवा चौथः जानिए कैसे करें व्रत, पूजन विधि

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इस वर्ष करवा चौथ का व्रत दिनांक 17 अक्टूबर 2019 गुरूवार को मनाया जाएगा । सुहागन और पतिव्रता नारियों के लिए करवा चौथ बहुत ही महत्वपूर्ण व्रत है । हिन्दू धर्म में करवा चौथ सुहागनों का महत्वपूर्ण त्यौहार माना गया है । करवा चौथ पर महिलाएं हाथों में मेहंदी रचाकर,

शरद पूर्णिमाः महत्व, पूजा विधि, सावधानियां

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शरद पूर्णिमा बड़ी ही उत्तम तिथि है । इसे कोजागरी व्रत के रूप में भी जाना जाता है । यह दिन इतना शुभ और सकारात्मक होता है कि छोटे से उपाय से बड़ी-बड़ी विपत्तियां टल जाती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन मॉं लक्ष्मी का जन्म हुआ था, इसलिए धन

अमरनाथ में स्थित है महामाया शक्तिपीठ !

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वेदी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में छब्बीस, शिवचरित्र में इक्यावन, दुर्गाप्तसति और तंत्रचूड़ामणि में शक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है। साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूडामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। बहुत कम लोग जानते हैं कि कश्मीर में माता

नीला घोडा रा असवार म्हारा मेवाडी सरदार

बन बन भटके मान पर, देश धर्म अभिमान पर राणा वीर प्रताप मिट गए, देखों अपनी आन पर। उक्त पंक्तियॉं सार्थक हैं उस वीर के त्याग पर, शौर्य पर और बलिदान पर। मातृभूमि भारत और इसके वीर सपूतों की जितनी चर्चा की जाए कम है। इतिहास में उल्लेखित ऐसे कई चरित्र हैं

रामभक्त हनुमंत के जीवन के 2 रहस्य

हनुमान का विवाह भी हुआ था और उनका एक पुत्र भी था - राघवेन्द्र शर्मा (पुरोहित) विद्या, बुद्धि, शक्ति और पराक्रम के तेजपुंज भक्त शिरोमणि काल जयी हनुमान हिंदुस्तान के सर्वाधिक पूजनीय देव है।इसकी बजह गोस्वामी तुलसीदास जी की वह उद्घोषणा है,जिसमें उन्होंने कहा कि "और देवता चित्त न धरई। हनुमत सेइ

हनुमान जयंतिः संकट मोचन की जन्म कथा और महत्व

19 अप्रैल 2019 को बल, बुध्दि और शौर्य के प्रतीक श्री हनुमान जी की जयंति मनाई जाएगी । इस बार शुभ चित्रा नक्षत्र और त्रिपुष्कर योग में हनुमान जी का प्राकटयोत्सव मनाया जाएगा । गुरूवार 18 अप्रैल को सायं 7.26 मिनिट से पूर्णिमा तिथि शुरू होगी । इसके बाद पूर्णिमा शुक्रवार

महावीर जयंति विशेषः आत्मा के शत्रुओ को जीतने वाला ही जैन

भगवान महावीर जैन धर्मावलम्बियों के चौबीसवें तीर्थकर माने जाते है। भगवान ऋषभदेव प्रथम तीर्थकर तथा भगवान महावीर चौबीसवें तीर्थकर थे । भगवान महावीर का जन्म आज से लगभग दो हजार छः सौ वर्ष पूर्व हुआ उन्होंने उस समय जिन धार्मिक सिध्दांतों का प्रतिपादन किया वह अहिंसा धर्म या जैन धर्म

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