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फिर तो नेहरू के आगे से पंडित और गांधी के आगे से महात्मा भी हटा दो !

veer sawarkar

कैसा लगेगा जब पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम के आगे से पंडित हटा दिया जावे, महात्मा गांधी के आगे से महात्मा हटा दिया जावे, महामना पंडित मदनमोहन मालवीय के आगे से महामना हटा दिया जावे और नेताजी सुभाषचंद्र बोस के आगे से नेताजी हटा दिया जावे? तो फिर स्वातंत्रय वीर

क्या नागरिकता मामले में फंस गए हैं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ?

लोकसभा चुनाव 2019 अपने अंतिम चरण में हैं । देश में राजनैतिक पारा बहुत चढा हुआ है और राजनैतिक दलों के नेताओं के आपसी आरोप प्रत्यारोप बेलगाम होकर सारी सीमाऐं लांघ रहे हैं । ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रम्हण्यम स्वामी ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय में

मीडिया में हिसाब देते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रिंट मीडिया हो या इलेक्ट्रानिक मीडिया उनके पांच वर्षों के कार्यकाल में सिर्फ इस बात से परेशान रहा कि नरेन्द्र मोदी कभी मीडिया से बात नहीं करते कभी प्रेस कांफ्रेंस नही करते। लेकिन पिछले एक सप्ताह से जिस प्रकार से नरेन्द्र मोदी मीडिया से

मोदी जी का रोड़ शो – तीर एक निशाने अनेक

भारत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वाराणसी में हुए रोड शो ने विश्व रिकार्ड बना दिया। वाराणसी से दूर बैठे हम लोगों को यह तो अंदाजा था कि नरेन्द्र मोदी जी के रोड शो में उपस्थिति अच्छी रहेगी लेकिन जो जनसमर्थन वाराणसी की जनता ने दिखाया वह अविश्वसनीय था। क्या

मोदीजी के इंटरव्यू पर बवाल क्यों ?

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार द्वारा लिया गया इंटरव्यू इस समय कईयों को नागवार गुजर रहा है। राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी दलों के नेता इस अराजनैतिक इंटरव्यू से अकारण ही राजनीतिक रूप से परेशान हैं। तकलीफ इस बात से है कि यह इंटरव्यू

72 सालों से एक ही काम कर रही है कांग्रेस, भ्रष्टाचार पर सफाई देना

वर्तमान में लोकसभा चुनाव-2019 का शंखनाद हो चुका है तथा प्रथम चरण के आज मतदान भी हो रहे है । पिछले लोकसभा चुनाव-2014 में कांग्रेस की हुई करारी हार का अगर विश्लेषण किया जाए तो 2014 में हुई हार का कांग्रेस ने कोई सबक नहीं लिया । 2014 में कांग्रेस

आ गये चुनावः बजने लगे ढोल गरीबी दूर करने के…!

आज़ादी के सात दशक का आईना है ख्यात साहित्यकार और व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई का कथन , वे लिखते हैं - अंग्रेजों ने अपने स्तर से देश का शोषण किया और “इंडिया इज ब्यूटिफुल कन्ट्री “ कहते हुए छुरी - कांटे से “ इंडिया “ को खाते रहे , तब देशी

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